समुद्र का अंतर्राष्ट्रीय कानून
ब्रिटेन बनाम रूस की काला सागर घटना की समीक्षा
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समुद्र का अंतर्राष्ट्रीय कानून
ब्रिटेन बनाम रूस की काला सागर घटना की समीक्षा
International Law of the Sea का हिन्दी रूपांतर एवं सम्पादन
~ सोनू बिष्ट
समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन
जब रूस ने क्रीमिया प्रायद्वीप की जल सीमा में ब्रिटेन के नौसेना के जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां दागने का दावा किया। तो, यह पता लगाने के लिए कि दोनों में से गलत कौन है, हमें 'संयुक्त राष्ट्र की समुद्री क़ानून संधि' (UNCLOS) को खोलकर देखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
23 जून को, एक रॉयल नेवी (नोसैना) विध्वंसक पोत, 'एचएमएस' (HMS) डिफेंडर, यूक्रेन में ओडेसा से जॉर्जिया के लिए रवाना हुआ। इसने काला सागर में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग का अनुसरण किया।
क्रीमिया को नाटो द्वारा रूस के कब्जे वाला क्षेत्र होने का दावा किया जाता है और यह एक यूक्रेनी क्षेत्र है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान में, उन्होंने जोर देकर कहा कि, एचएमएस (HMS) डिफेंडर यूक्रेनियन जल सीमा में था।
जब एचएमएस (HMS) डिफेंडर (युद्धक पोत ) क्रीमिया के 'सेवस्तोपोल' के करीब 12 मील की दूरी पर आया, तो उसने रूसी तट रक्षकों और वायु सेना के लिए खतरे का संकेत दे दिया। 'सेवस्तोपोल' रूसी नोसैना के काला सागर बेड़े का मुख्यालय है।
एचएमएस (HMS) डिफेंडर की उपस्थिति को रूस द्वारा शत्रुतापूर्ण और भड़काऊ माना जाता था। तट रक्षकों ने रेडियो पर एक सख्त चेतावनी दी और ब्रिटिश पोत 'SU-30' के धमाकों से गूंजने लगा ।
दो दर्जन से अधिक युद्धक विमानों ने बम गिराए और ब्रिटिश जहाज घबराकर सीमा से बाहर निकल गया।
यह सब रूस और पश्चिम के बीच लगातार जारी तनातनी के कारण हो रहा है। रूस यूक्रेन में आक्रामक रुख अपना रहा है, और ब्रिटेन रूस पर 'नर्व एजेंट' को जहर देने, साइबर हमलों और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा रहा है।
हाल ही में, ब्रिटेन ने अपनी परमाणु नीति में आमूल परिवर्तन किया और अपने परमाणु भंडार के संग्रह को बढ़ाने का फैसला किया। परमाणु हथियार समीक्षा रूस केंद्रित थी और इसका उद्देश्य मास्को से खतरे को संतुलित करना था।
कुछ हफ्ते पहले, रूसी प्रधान मंत्री 'व्लादिमीर पुतिन' ने घोषित किया कि, वह रूस के साथ नाटो संबंधों को सबसे खराब स्थिति में देखते हैं।अतः यह समय संवेदनशील है।
हालांकि, रॉयल नेवी पर रूसी प्रादेशिक जल (territorial waters) का उल्लंघन करने का आरोप है। किन्तु, ब्रिटेन अपने बचाव में, इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को सही ठहराने के लिए 'समुद्र के संयुक्त राष्ट्र कानूनों' (UN laws of the Sea) का हवाला देता है।
अब जबकि इस घटना के आलोक में 'समुद्र के कानून' की विषय वस्तु को संदर्भित करने की आवश्यकता है, हम इस स्थिति से संबंधित खंडों (sections) की समीक्षा करेंगे।
क्या 'रॉयल नेवी'(Royal Navy) ने समुद्र के कानून को तोड़ा था या फिर रूस ने चेतावनी के तौर पर गोलीबारी करके गलत किया था?
अनुच्छेद 17 के अनुसार:
"इस कन्वेंशन के अधीन, सभी राज्यों के जहाज, चाहे वे तटीय हों या भूमि-बंद, प्रादेशिक सागर के माध्यम से 'निर्दोष मार्ग' (innocent passage) के अधिकार का आनंद लेते हैं"।
"निर्दोष मार्ग" शब्द दोनों देशों के बीच विवाद का विषय हैं,जिसके कारण यूरोपीय संघ के बीच एक राजनयिक विवाद पैदा हो गया । एक तरफ नाटो है तो, दूसरी तरफ रूस ।
यहाँ समुद्र के कानून में मुख्य शब्दों (Keywords) की अधिक विस्तार से व्याख्या है।
अनुच्छेद 18 के अनुसार:
"मार्ग" को इस प्रकार परिभाषित किया गया है:
1. 'मार्ग' का अर्थ है, प्रादेशिक समुद्र के माध्यम से नौपरिवहन किसी उद्देश्य के लिए:
(१) आंतरिक जल में प्रवेश किए बिना उस समुद्र को पार करना या उसके
बाहर एक लंगरगाह या बंदरगाह की सुविधा में रुकना ; या
(२) आंतरिक जल में या उससे आगे बढ़ना या ऐसे लंगरगाह(roadstead) या बंदरगाह सुविधा पर रुकना।
ब्रिटिश एचएमएस डिफेंडर एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग का अनुसरण करते हुए ओडेसा, 'यूक्रेन' से जॉर्जिया के लिए जलयात्रा कर रहा था। इसने निश्चित रूप से क्रीमिया के आंतरिक जल में प्रवेश नहीं किया।
2. मार्ग निरंतर और शीघ्र तय होगा। हालांकि, मार्ग में रुकना और लंगर डालना शामिल है, किन्तु केवल तभी तक जब तक वह सामान्य नौपरिवहन के लिए प्रासंगिक हो ।
अप्रत्याशित घटना या गंभीर संकट के कारण या खतरे या संकट के समय में व्यक्तियों, जहाजों या विमानों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से आवश्यक हो ।
“
एचएमएस (HMS) डिफेंडर की उपस्थिति को रूस द्वारा शत्रुतापूर्ण और भड़काऊ माना जाता था
एचएमएस डिफेंडर एक समान गति से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में शांत रूप से चल रहा था। यह किसी भी कारण से नहीं रुका,जैसा कि खंड 2, अनुच्छेद 18 में वर्णित है।
अब तक, एचएमएस डिफेंडर उस मार्ग को अपनाते हुए गलत नहीं था। किन्तु रूसियों ने इसे उकसाने वाला क्यों पाया?
अनुच्छेद 19 के अनुसार, "निर्दोष" मार्ग को इस प्रकार परिभाषित किया गया है:
1. मार्ग, 'निर्दोष' है जब तक कि, यह तटीय राज्य की शांति, अच्छी स्थिति या सुरक्षा
लिए हानिकर नहीं है । ऐसा मार्ग इस कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानून के अन्य नियमों की जगह लेने के लिए अनुकूल होगा।
तटीय राज्य रूस है, हालांकि 'नाटो' (NATO) क्रीमिया को रूसी कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्र के रूप में मानता है। इसलिए, रूसी राज्य अपने आसपास के क्षेत्र में पूरी तरह से भरे हुए ब्रिटिश विध्वंसक जहाज को देखकर उसके द्वारा उत्पन्न खतरे को अपने ऊपर मान सकता है।
2. एक विदेशी जहाज को तटीय राज्य की शांति, अच्छी स्थिति या सुरक्षा के लिए हानिकर माना जाएगा यदि वह प्रादेशिक समुद्र में निम्नलिखित में से किसी गतिविधि में संलग्न पाया गया:
(१) तटीय राज्य की संप्रभुता,क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ किसी भी खतरे या बल का प्रयोग या किसी भी अन्य तरीके से
संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र (Charter of the United Nations) में समाविष्ट;
अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का उल्लंघन।
(२) किसी भी प्रकार के हथियारों के साथ कोई अभ्यास या प्रयोग ;
(३) तटीय राज्य की रक्षा या सुरक्षा के
पूर्वाग्रह को लेकर, जानकारी एकत्र करने के उद्देश्य से कोई कार्य ।
(४) तटीय राज्य की रक्षा या सुरक्षा को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रचार का कोई भी कार्य;
(५) अनुसंधान या सर्वेक्षण गतिविधियों को अंजाम देना;
अनुच्छेद 19 की खंड 2 में वे सभी कारण सम्मिलित किये हुए है जो, "निर्दोष" मार्ग के लिए विवरण नही होंगे।
संबंधित लोगों का जिक्र करते हुए - उप-खंड (सी) सबसे संभावित कारण बनाता है कि, रूस के पास तरह-तरह की गंभीर स्थितियों की चेतावनी जारी करने का कानूनी अधिकार क्यों है।
उप-खंड (सी) "सूचना एकत्र करना" के खिलाफ बात करता है, और उप-खंड (जे) "अनुसंधान" और "सर्वेक्षण" की गतिविधियों को इंगित करता है।
आज के अत्यधिक परिष्कृत तकनीकी युद्ध की दुनिया में, सामरिक नौसैनिक अड्डे के पास किसी भी शत्रु देश के जहाज को संदेह की नजर से ही देखा जाएगा।
जानकारी एकत्र करने या किसी युद्ध रणनीति का परीक्षण करने के लिए ब्रिटिश जहाज को तटीय राज्य के करीब होने की आवश्यकता नहीं है।
साथ ही, मार्ग केवल सतह पर दिखाई देने वाली गतिविधि तक ही सीमित नहीं हो सकता है। यात्रा के दौरान पानी के भीतर कौन सी जानकारी एकत्र की जा रही थी, यह अज्ञात है।
सभी क्रियात्मक उद्देश्यों के लिए, यह एक निर्दोष मार्ग हो सकता है, किन्तु आज की मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने इसके इरादे के किसी भी पक्ष पर विश्वास करना मुश्किल बना दिया है।
“
रॉयल नेवी पर रूसी प्रादेशिक जल (territorial waters) का उल्लंघन करने का आरोप है
इस घटना से जो एक बात बाहर निकल कर आती है वह कोई अच्छी खबर नहीं है।
दोनों पक्ष विश्व शांति के लिए पीछे नहीं हट रहे हैं। यदि शांति सर्वोच्च प्राथमिकता थी, तो ब्रिटिश नौसेना को "सूचित" "निर्दोष" मार्ग बनाने के प्रयास करने चाहिए थे।
संवेदनशील भू-राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, रॉयल नेवी को अपने क्रीमिया यात्रा मार्ग के लिए अधिक जिम्मेदार होना चाहिए था।
संचार के उचित माध्यमों का उपयोग करके ऐसा करने के तरीके हैं। रूसी 'मार्ग' के प्रति कम आक्रामक हो सकते थे और चेतावनी के रूप में दागी गयी गोलियों और आक्रामक युद्धक विमानों की परेड के दृश्य प्रदर्शन से बच सकते थे।
कल्पना कीजिए कि, स्थानीय कमांडरों द्वारा दोनों ओर से किसी भी एक से गलत गोली चल जाए, तब वह परिस्थिति एक नए संकट-स्थिति को भड़काने का काम कर सकती है जिसमें, कई परमाणु-सशस्त्र देश शामिल होंगे ।
वास्तव में, दोनों पक्षों को और अधिक सावधानियां बरतने की जरूरत है।
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